
दिल्ली की सुबह इन दिनों सिर्फ चाय की खुशबू से नहीं, गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारों से भी शुरू हो रही है. रसोई से लेकर रेस्तरां तक एक ही सवाल तैर रहा है… “सिलेंडर मिलेगा या नहीं?”
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस आपूर्ति पर मंडराते खतरे ने भारत के किचन में भी हलचल मचा दी है. हालात ऐसे हैं कि रेलवे तक को अपनी कैंटीनों में गैस बचाने के लिए माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकिंग का रास्ता अपनाने की सलाह देनी पड़ गई है.
रेलवे किचन को IRCTC का आपात निर्देश
देशभर में ट्रेन यात्रियों को खाना उपलब्ध कराने वाली Indian Railway Catering and Tourism Corporation ने अपने कैटरिंग यूनिट्स को साफ निर्देश दिए हैं. गैस की संभावित कमी को देखते हुए कैंटीन और पेंट्री कार में माइक्रोवेव, इंडक्शन और वैकल्पिक कुकिंग सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा गया है.
यह कदम बताता है कि संकट अभी कागजों तक सीमित नहीं है. सिस्टम पहले से ही बैकअप तैयार कर रहा है.
दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत
राजधानी में स्थिति सबसे ज्यादा चर्चा में है. कई गैस एजेंसियों के बाहर रेस्तरां मालिकों और घरेलू उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से होटल और ढाबा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है. कुछ जगहों पर सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1500 रुपये तक बिकने की खबरें भी सामने आ रही हैं.
यानी रसोई गैस अब सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि एक छोटा सा आर्थिक युद्ध बनती जा रही है.
रेस्तरां इंडस्ट्री में अलर्ट
स्थिति को देखते हुए National Restaurant Association of India ने अपने सदस्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें रेस्तरां मालिकों को ईंधन बचाने और संचालन को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के साथ चलाने की सलाह दी गई है.
कारोबारियों का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो छोटे रेस्तरां और स्ट्रीट फूड बिजनेस पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.

हिमाचल में भी संकट की दस्तक
हिमाचल प्रदेश के बद्दी और ऊना में गैस कंपनियों के बाटलिंग प्लांट पर कमर्शियल सिलेंडर रिफिलिंग प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं. नतीजा यह कि बाजार में नई सप्लाई नहीं पहुंच पा रही. कई व्यापारियों के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक बचा है.
यूपी सरकार का सख्त संदेश
इस बीच उत्तर प्रदेश में संभावित अफवाहों को रोकने के लिए Yogi Adityanath ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है. लेकिन साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश भी दिया गया है.
सरकार का संदेश साफ है…घबराहट मत फैलाओ, लेकिन अगर कालाबाजारी की तो कार्रवाई तय है.
झांसी में सिलेंडर से भरा ट्रक चोरी
संकट के बीच एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई. झांसी के सीपरी बाजार इलाके से 524 भरे हुए LPG सिलेंडरों से लदा ट्रक चोरी हो गया. इन सिलेंडरों की कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है.
ट्रक Bharat Petroleum के प्लांट से गैस लेकर कानपुर देहात जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही गायब हो गया. बाद में ट्रक खाली हालत में हाईवे पर मिला.
यह घटना बताती है कि गैस संकट के बीच अब अपराधियों की नजर भी सिलेंडरों पर टिक गई है.
वैश्विक तनाव का असर भारतीय रसोई तक
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा बाजार में बेचैनी पैदा कर दी है. तेल और गैस की सप्लाई पर जरा सा दबाव भी भारत जैसे बड़े उपभोक्ता देश में तुरंत असर दिखाता है. यानी युद्ध भले हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसकी गूंज भारतीय किचन तक सुनाई देने लगती है.
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